पर्यटन पुनरुत्थान में भारत का बड़ा योगदान, 12 लाख आगमन में एक-चौथाई भारतीय; अमेरिका और चीन की मौजूदगी भी मजबूत

काठमांडू। आर्थिक वर्ष 2082/83 में नेपाल में 12 लाख 9 हजार 357 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) के अनुसार, भारत नेपाल के लिए सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत बाजार बनकर उभरा है। कुल विदेशी पर्यटकों में से 3 लाख 11 हजार 531 पर्यटक भारत से आए, जो कुल आगमन का 25.76 प्रतिशत है।

पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बाजार रहा। पूरे आर्थिक वर्ष के दौरान 1 लाख 11 हजार 325 अमेरिकी पर्यटक नेपाल पहुंचे। तीसरे स्थान पर चीन रहा, जहां से 1 लाख 9 हजार 892 पर्यटक नेपाल आए। बोर्ड के विश्लेषण के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र के पुनरुत्थान के साथ चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

दक्षिण एशियाई देशों में बांग्लादेश से 58 हजार 163, श्रीलंका से 43 हजार 211 और भूटान से 36 हजार 289 पर्यटक नेपाल पहुंचे। इसके अलावा, ब्रिटेन से 56 हजार 649, ऑस्ट्रेलिया से 53 हजार 195, म्यांमार से 30 हजार 737, जर्मनी से 29 हजार 296, थाईलैंड से 27 हजार 201, जापान से 25 हजार 762 तथा मलेशिया से 25 हजार 640 पर्यटकों ने नेपाल का दौरा किया।

मासिक आंकड़ों के अनुसार, कार्तिक महीने में सबसे अधिक 1 लाख 24 हजार 829 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुंचे। इसके बाद चैत्र में 1 लाख 19 हजार 390, फाल्गुन में 1 लाख 14 हजार 152 तथा आश्विन में 1 लाख 11 हजार 780 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। शरद और वसंत ऋतु पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के लिए अनुकूल मानी जाती हैं, इसलिए इन महीनों में पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया कि पिछले आर्थिक वर्ष के दौरान भारत और चीन को लक्षित करते हुए आक्रामक पर्यटन प्रचार अभियान चलाए गए। भारत के पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और नई दिल्ली सहित विभिन्न शहरों में 12 से अधिक प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 40 से अधिक पर्यटन प्रोत्साहन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

आर्थिक वर्ष के अंतिम तीन महीनों में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े झापा से कंचनपुर तक के क्षेत्रों में क्रॉस-बॉर्डर पर्यटन मार्ट और पर्यटन मेलों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में पर्यटन अवसंरचना में हुए निवेश को प्रभावी बनाना और सड़क मार्ग से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाना था। बोर्ड का दावा है कि इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिक्मत सिंह ऐर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए प्रचार, हवाई संपर्क के विस्तार और निजी क्षेत्र के साथ सहयोग के कारण नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनके अनुसार, आर्थिक वर्ष 2082/83 के पर्यटक आगमन के आंकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत देते हैं कि नेपाल का पर्यटन उद्योग महामारी के बाद पुनरुत्थान की प्रक्रिया को पार कर अब स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से चीन में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए वहां लक्षित प्रचार, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संपर्क और नियमित सेल्स मिशन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश जैसे संभावनाशील बाजारों में भी नेपाल की उपस्थिति मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमित प्रचार-प्रसार कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

पर्यटन बोर्ड के अनुसार, आर्थिक वर्ष 2083/84 में अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने, उनके ठहरने की अवधि बढ़ाने तथा पारंपरिक बाजारों के साथ-साथ नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नेपाल के पर्यटन प्रचार को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई जाएगी। सरकार द्वारा वर्ष 2027 को आरोग्य पर्यटन वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनुसार स्वास्थ्य, प्रकृति, साहसिक और सांस्कृतिक पर्यटन को प्राथमिकता देकर पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है।

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