नेपाल में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर माहौल सामान्य होने लगा है। पिछले कुछ हफ्तों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत-नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन में रुकावट आ गई थी। कई सीमाई चौकियों पर सुरक्षा कारणों से भारतीय ट्रकों और माल की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई थी।
हालांकि अब हालात सुधरने लगे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे प्रमुख बॉर्डर पोस्टों — जैसे रूपैडिहा, जोगबनी और सनौली — पर मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे स्थानीय व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत की सांस ली है।
सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने बताया कि उन्होंने सीमा पर चेकिंग और पहचान प्रक्रिया को और कड़ा कर दिया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। वहीं सीमा के दोनों ओर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नियमित बैठकें और समन्वय चल रहा है ताकि हालात स्थिर बने रहें।
व्यापारियों के अनुसार, नेपाल में राजनीतिक स्थिरता आने के बाद व्यापारिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। खासकर कृषि उत्पाद, पेट्रोलियम, दवाइयाँ और उपभोक्ता वस्तुएँ — जो दोनों देशों के बीच बड़ी मात्रा में आती-जाती हैं — उनका प्रवाह फिर सामान्य हो रहा है।